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समस्त भक्त्त मंडली प्रिय पाठकों से आग्रह करते हैं, ![]()
आज के इस वैज्ञानिक युग में जब हम किसी देवी, देवता, चमत्कारिक शक्ति, तंत्र, मंत्र की बातें करते हैं तो लोग हमें पिछड़ी मानसिकता या गवार की संज्ञा देते हैं. वैसे सभी जानते हैं कि कोई ऐसी अदृश्य शक्ति है जो देश का, हर जीवों का, हर योनियों का संचालन करती है लेकिन बिना साक्षात्कार किये कोई मानने को तैयार नही होता.आज हम चंद्रमा की ऊँचाइयों पर पहुँच गये है, गगन मार्ग पर चल रहे हैं, अणु बम, परमाणु बम की खोज कर चुके हैं, नाना प्रकार की दवाईयों द्वारा लोगों की जान बचा रहे है, टेस्ट ट्यूब से बच्चा पैदा कर रहे हैं.ये बातें सच है लेकिन अन्य युगों में हम तंत्र, मंत्र के सहायता से नाना प्रकार की विद्यायों की सिद्धि करके योग से पूजा पाठ से भी ऐसे कार्य कर चुके है जो आज के विज्ञान से कहीं आगे था.जप-तप-ध्यान-भजन में सहयोगी ऐसे ब्रह्मनिष्ठ, सच्चे संत महात्मा, योगसामार्थ्य से संपन्न, निर्लोभी, परम करुणावान महापुरुष आज कहाँ हैं? अगर हैं तो पहाडों, जंगलों, गुफाओं के एकांत का ब्रह्मानंद छोड़कर समाज में रहते हुए हमें प्राप्त हो सकते हैं?हाँ, ऐसे ही एक ब्रह्मनिष्ठ संत, समर्थ योगीराज अरण्य में अपनी ब्रह्मानंद की गगनगामी उड़ान छोड़कर समाज में ज्ञान की प्याऊ ही नहीं पूरा महासागर लुटा रहे हैं. उत्तर प्रदेश की भूमि में इस वक़्त इलाहाबाद के नजदीक करछना के सेमरी गाँव में बसे हुए आश्रम में विराजमान हमारे पं.पू. गुरूजी सभी भक्तों पर अपनी आशिर्वाद, कृपा,दयादृष्टि का अलोकिक प्रसाद बरसा रहे हैं. मानो अमृत बरस रहा हो. आज हमारे पं.पू. गुरूजी अपनी संप्रेक्षण शक्त्ति अवं अपनी योगबल, पुण्य प्रताप, भक्त्ति, माता-पिता, बड़े बुजुर्गों का आशिर्वाद, भगवान की कृपा, उनके कई जन्मों का संचित कर्म तथा उन सभी का आशिर्वाद , जिन्हें वे ठीक करते हैं. वह सब मिलकर ही उन्हें दूसरों को ठीक करने की ताकत देते हैं.पूज्य गुरूजी उत्तर प्रदेश के रायबरेली में नये आश्रम का निर्माण सभी भक्त्तों के लाभ हेतु करा रहे हैं. तो आओ हम परम श्रद्धेय पूज्य गुरुदेव भगवान की कृपा दृष्टि का पात्र बने और अपना जीवन धन्य कर लें.........एक बार प्रेम से बोलो " गुरुदेव भगवान की जय "..... |
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