परम पूज्य बाबाजी के प्रकट होने पर सभी भक्त्त गण बबा बाण गाकर स्तुति करते हुए...
बाबाजी के प्रकट होने पर वातावरण पवित्र हो जाता है और मन शांत चित्त होकर सिर्फ उन्हें निर्हने के आलावा कुछ नहीं करता. उनके मुख से प्रवचन सुनकर मन प्रफुल्ल हो उठता है. उनकी स्तुति में सभी भक्तगण बबा बाण का जाप करते हैं. बाबाजी सारे सिद्ध आश्रमों के प्रमुख शक्ति हैं. आप साक्षात् भगवान शिव शंकर के अवतार हैं. आप भोलेनाथ की तरह भक्त्त-वत्सल और निर्मल स्वभाव के हैं. सभी भक्तों पर सदा ही सुख बरसाते हैं. प्राणीमात्र की, सम्पूर्ण को, आप प्रतिक्षण पूर्ण करते हैं. हमारे लिए जो शुभ तथा हितकर है उसे तुम बिना मांगे हमारी झोली में डालते हैं. आपके आँचल में, शान्ति तथा आनंद का वास है. आपकी चरणशीतल छाया में परम तृप्ति का आभास होता है.
आपकी महिमा अपरम्पार है, उसका गुणगान करना उसी तरह है, जैसे सूरज को दीपक दिखाना. आपकी पूजा के पश्चात किसी की भी पूजा शेष नहीं रह जाती. आप सर्वाधार सर्वेश्वर, सर्वान्तर्यामी, सर्वशक्तिमान, सर्वव्यापक भगवान है. आप को मन से, वचन से और कर्म से भक्त्ति करनेवाला अनंत ब्रह्म सुख को प्राप्त कर लेता है.
बाबाजी भोलेनाथ की तरह अत्यन्त दयालु एवं स्वभाव से निर्मल, भक्तवत्सल, कृपालु हैं. आप की मात्र दृष्टि से दीन दुखियों के दर्द दूर हो जाते हैं. आप के पुरे देश में ५६३ शक्त्ति स्थान हैं. उनमें से एक इलाहाबाद के निकट करछना के सेमरी गावँ में ५६३ वां स्थान है, उस स्थान के पुजारी हमारे पूज्य गुरूजी (पं. राजेंद्र प्रसाद मिश्र) हैं. उन्ही परम पूज्य गुरूजी के आग्रह पर आपने अपने सेमरी सिद्ध आश्रम को रायबरेली में स्थानांतरित करवा दिया. १६ फरवरी २००९ से चौरा स्थापित हो गया है. आप का आवाहन करने पर आप प्रकट होकर सबकी पीड़ा दूर कर आशीर्वाद प्रदान करते हैं.
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