सिद्ध आश्रम में पूज्य गुरूजी आरती करते हुए...
गुरु का ध्यान करना यह आखिरी सत्य की प्राप्ति का केवल एक ही सच्चा राजमार्ग है. जिस प्रकार शीघ्र ईश्वरदर्शन के लिए कलयुग-साधना के रूप में कीर्तन-साधना है उसी प्रकार इस संशय, नास्तिकता, अभिमान और अंहकार के युग में योग की एक नई पद्धति...गुरुभक्तियोग के द्बारा आप इस हाड़-चाम के पार्थिव देह में रहते हुए ईश्वर के प्रत्यक्ष दर्शन कर सकते हैं. पूज्य गुरूजी सभी का कल्याण करते हैं. पूज्य गुरूजी से सच्चे ह्रदय से संपर्क करना चाहते हो तो आप अपना अभिमान, अहं और नास्तिकता त्याग कर उनके शरण में आ जायें, आप का कल्याण होगा. आप पूज्य गुरूजी के पास जाना चाहते हैं तो, आश्रम आकर उनके पावन दर्शन हर सोमवार कर सकते हैं अथवा नवरात्र के शुभ अवसर पर वे दसों दिन आश्रम में रह कर कीर्तन-ध्यान-पूजन एवं प्रवचन का भव्य कार्यक्रम का आयोजन में सम्मिलित हो सकते हैं.