परम पूज्य गुरूजी
निवास : ग्राम : मधुवन, पोस्ट : ममूनी, जनपद : रायबरेली, राज्य : उत्तर-प्रदेश
सिद्ध आश्रम का पता : बसंतपुर, हंसापुर, तिराहा, कुचरिया, रायबरेली, उ.प्र.
(मात्र ९ कि.मी. रायबरेली शहर से इलाहाबाद रोड पर टाटा मोटर्स से पहले)
संपर्क : 09415792637
पूज्य. श्री. जय मिश्र (जय भैया)
निवास : रायबरेली एवं लखनऊ, उ.प्र.
अन्य जानकारी के लिये सिद्ध आश्रम के कर्मचारीओं से अथवा किसी भी सक्रिय सदस्य से संपर्क करें.
अन्य जानकारी के लिए आप स्वयं सिद्ध आश्रम में आयें अथवा अधिकारी गण से संपर्क करें.
जो आँखें अपने गुरु के चरणकमलों का सौंदर्य नहीं देख सकती वे आखें सचमुच अंध हैं. जो कान अपने गुरु की लीला की महिमा नहीं सुनते वे कान सचमुच बहरे हैं. गुरु रहित जीवन मृत्यु के समान है. गुरुकृपा की सम्पत्ति जैसा और कोई खजाना नहीं है. भवसागर के पार करने के लिए गुरु के सत्संग जैसा और कोई सुरक्षा नौका नहीं है. गुरु के चरणकमलों जैसा और कोई आश्रय नहीं है. आपके दिव्य गुरु की सेवा करने का कोई भी मौका चूकना नहीं, गुरु के कार्य को संदेहपूर्वक देखना सबसे बड़ा पाप है.
गुरु का ध्यान करना यह आखिरी सत्य की प्राप्ति का केवल एक ही सच्चा राजमार्ग है. जिस प्रकार शीघ्र ईश्वरदर्शन के लिए कलयुग-साधना के रूप में कीर्तन-साधना है उसी प्रकार इस संशय, नास्तिकता, अभिमान और अंहकार के युग में योग की एक नई पद्धति...गुरुभक्तियोग के द्बारा आप इस हाड़-चाम के पार्थिव देह में रहते हुए ईश्वर के प्रत्यक्ष दर्शन कर सकते हैं.
पूज्य गुरूजी सभी का कल्याण करते हैं. पूज्य गुरूजी से सच्चे ह्रदय से संपर्क करना चाहते हो तो आप अपना अभिमान, अहं और नास्तिकता त्याग कर उनके शरण में आ जायें, आप का कल्याण होगा.
आप पूज्य गुरूजी के पास जाना चाहते हैं तो, आश्रम आकर उनके पावन दर्शन हर सोमवार कर सकते हैं अथवा नवरात्र के शुभ अवसर पर वे दसों दिन आश्रम में रह कर कीर्तन-ध्यान-पूजन एवं प्रवचन का भव्य कार्यक्रम का आयोजन में सम्मिलित हो सकते हैं.
यहाँ के सारे कार्य भक्त्ति से सम्बंधित है. आप को विश्वास हो तो आयें अन्यथा नही. ढोंग, पाखंड से दूर रहा जाता है. गुरूजी का कार्य पूजा-पाठ, हवन करना है लोग अपने आप नाम सुन कर आते हैं तो उन्हें भगाया नही जाता. किसी भी व्यक्ति को गुरूजी नही बुलाते. नाही कोई भी गुरूजी का प्रचारक है. आप शक्त्तियों को नही मानते तो आप वहां ना जायें. गुरूजी ये नही बताते कि हमने आपको कैसे ठीक किया. वे कहते हैं हम तो कुछ भी नही जानते ये सब हमारे माता, पिता, बड़े बुजुर्ग का आशिर्वाद, भगवान कि कृपा, हमारे कई जन्मों का संचित कर्म तथा उन सभी का आशिर्वाद , जिन्हें हम ठीक करते हैं. वह सब मिलकर ही हमे दूसरों को ठीक करने की ताकत देता है. गुरूजी किसी भी डॉक्टर के पास जाने से या अन्य जगह दर्शन करने से किसी को नही रोकते.
अन्य जानकारी के लिये अधिकारीओं से संपर्क करें.