पीछे की तरफ

आरती संग्रह

 
 

परम पूज्य गुरूजी द्बारा लिखित आरतियाँ और चालीसा

 

मनवा कर ले भजन

आरती या पूजा करते समय सबसे आखिरी में पढना चाहिए. पढ़ते समय दीपक या अगरबत्ती से आरती करते हुए यह जरूर कहे.
ब्रहमा मुरारिश्च त्रिपुरान्तकरी
भानु शशी भूमि सुतो बुद्धाश्च
गुरुश्च शुक्रः शनि राहु केतावा
सर्वे ग्रहा शान्ति करा भवन्तूः
स्थान देवता देव्यो नमः
कुल देवता देव्यो नमः
ग्राम देवता देव्यो नमः
मातृ देवो नमः
पितृ देवो नमः
इति सर्व देवो सर्व देवी नमः
बाबा चालीसा

बाबा चालीसा :
यह पुस्तक नही ग्रन्थ है जिसमें बाबाजी की जीवन गाथा बाबा चालीसा का वर्णन है. इसमें महाफलदायक बाबा बाण, मूलचंद्र ब्रह्म चालीसा के साथ "लाल साहेब जी " के नाम का रहस्य और "ज्यदाव राम" के नाम का रहस्य का वर्णन है. इस चालीसा को प्राप्त करने हेतु अधिकारीओं से संपर्क करें.
१. बाबा चालीसा
२. बाबा बाण
३. मूलचंद्र ब्रह्म चालीसा
४. लाल साहेब जी के नाम का रहस्य
५. ज्यदाव राम के नाम का रहस्य


आरती संग्रह
आरती संग्रह :
इस पुस्तक में बाबाजी, सरकारजी, गुरु की महिमा, भगवान शंकर, हनुमानजी, विष्णुजी, श्री रामजी, दुर्गाजी, काली माँ, लक्ष्मी मा, शीतला माँ, शारदा माँ, इत्यादि आरतियाँ स्वयं श्रद्धेय गुरूजी की रचना है. इस आरती संग्रह को प्राप्त करने हेतु अधिकारीओं से संपर्क करें.
१. बाबाजी
२. सरकारजी
३. भगवान शंकर
४. हनुमानजी
५. श्री रामजी
६. दुर्गा माँ, काली माँ, लक्ष्मीजी, शीतला माँ, शारदा माँ.

 

दीर्घायु होने का रहस्य
दीर्घायु होने का रहस्य :
इस पुस्तक में स्वयं परम श्रद्धेय गुरूजी ने जीवन जीने के रहस्य, भगवन, देवता, मनुष्य, राक्षस, अन्धविश्वास एवं ब्रह्म की परिभाषा, मृत्यु संजीवनी विद्या, महामृत्युंजय, नवग्रह, मंत्र सिद्धि एवं साधना, पूजा-पाठ और गुरु की महिमा का उत्तम वर्णन किया है. इस पुस्तक को प्राप्त करने हेतु अधिकारीओं से संपर्क करें.

 

दुर्गा शत्रु संहारक कवच :
दुर्गा शत्रु संहारक कवच :
इसके रचईता हमारे परम श्रद्धेय गुरूजी ने किया है. इसका पाठ करने से हमारे सारे शत्रु परास्त होते हैं और हम धन दौलत से परी पूर्ण होते हैं. इसमें माँ दुर्गा की आरती एवं सवैया है. इस पुस्तक को प्राप्त करने हेतु अधिकारीओं से संपर्क करें.


भरत चरित्र
भरत चरित्र :
यह पवित्र ग्रन्थ है. इसे स्वयं परम श्रद्धेय गुरूजी लिख रहे हैं. इसमें गुरूजी ने भगवन राम के सबसे परम भक्त्त "भरत" के चरित्र और संपूर्ण जीवन का विस्तार से उल्लेख किया है. यह एक महा काव्य एवं ग्रन्थ है. बाबाजी के आशीर्वाद और हनुमान जी के मर्गदर्शन से यह ग्रन्थ संपूर्ण होने वाला ही है. इसका ग्रन्थ की छपाई गीता प्रेस एवं विमोचन उत्तर प्रदेश के राज्यपाल से होना तय हुआ है.

रक्षा कवच

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